“जो बोले सो निहाल” के गगनभेदी जयकारों से गूंजा गोविंदघाट, पवित्र हेमकुंट साहिब के लिए पहला जत्था रवाना

पंज प्यारों की अगुवाई, पावन निशान साहिब की अगाध श्रद्धा और बैण्ड-बाजों की मधुर धुनों के बीच सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज गुरुद्वारा गोविन्दघाट से पवित्र हेमकुंट साहिब के लिए रवाना हुआ।

धार्मिक उल्लास और आस्था से सराबोर श्रद्धालुओं ने गोविन्दघाट से “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयकारों के साथ अपनी आध्यात्मिक यात्रा का शुभारम्भ किया। प्रथम जत्थे की अगुवाई पावन पंज प्यारों द्वारा की गई, जो सिख परंपरा में श्रद्धा, सेवा और साहस के प्रतीक माने जाते हैं।

यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए चमोली प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला जत्था आज रात्रि घांघरिया स्थित गुरुद्वारे में विश्राम करेगा। इसके उपरांत कल (23 मई 2026) को श्रद्धालु अंतिम पड़ाव की ओर प्रस्थान करेंगे।

परंपरानुसार, प्रथम जत्थे के पवित्र धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान एवं अरदास के साथ हेमकुंट साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आधिकारिक रूप से खोल दिए जाएंगे।

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